रायगढ़ से एक बड़ी खबर…
महिला प्रताड़ना, कथित भारत विरोधी नारे सिखाने और राष्ट्रीय एकता के प्रतिकूल गतिविधियों से जुड़े मामले में जेल में बंद आरोपी वसीम मोहम्मद को प्रोडक्शन वारंट पर जेल से लाकर पुलिस ने पूछताछ की। इस दौरान आरोपी द्वारा “हिंदुस्तान जिंदाबाद, पाकिस्तान मुर्दाबाद” के नारे लगाए जाने की बात पुलिस ने बताई है। मामले की विवेचना जारी है।
रायगढ़ पुलिस महिला थाना में दर्ज गंभीर प्रकरण की जांच तेज़ी से कर रही है। पुलिस के अनुसार 29 मई 2026 को एक महिला ने शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि आरोपी वसीम मोहम्मद ने उसके साथ शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना की। साथ ही महिला ने यह भी आरोप लगाया कि उसके नाबालिग बेटे को “पाकिस्तान जिंदाबाद” और “हिंदुस्तान मुर्दाबाद” जैसे कथित भारत विरोधी नारे सिखाए गए, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।
महिला की शिकायत के आधार पर महिला थाना रायगढ़ में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं तथा छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन और डीएसपी उन्नति ठाकुर के सुपरविजन में विवेचना थाना प्रभारी पुसौर निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह बैस को सौंपी गई।
पुलिस के अनुसार आरोपी वसीम मोहम्मद पहले से ही लगभग 6 किलोग्राम गांजा बरामदगी के मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत जिला जेल रायगढ़ में न्यायिक अभिरक्षा में बंद है। महिला थाना के इस मामले में पूछताछ के लिए न्यायालय से प्रोडक्शन वारंट प्राप्त कर आरोपी को एक दिन की पुलिस अभिरक्षा में लिया गया।
पुलिस टीम आरोपी को घटनास्थल पर लेकर पहुंची, जहां आवश्यक पूछताछ, स्थल निरीक्षण और अन्य वैधानिक कार्रवाई की गई। पुलिस का कहना है कि इस दौरान आरोपी ने “हिंदुस्तान जिंदाबाद, पाकिस्तान मुर्दाबाद” के नारे लगाए। पूछताछ पूरी होने के बाद आरोपी को पुनः न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
बाइट (एसएसपी शशि मोहन सिंह का संदेश)
“राष्ट्र विरोधी मानसिकता फैलाने, महिलाओं के विरुद्ध अपराध तथा सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करने वाले मामलों में रायगढ़ पुलिस साक्ष्य आधारित कठोर वैधानिक कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है।”
फिलहाल पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। आरोपी के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होंगे।
